: The emotional anchor is the relationship between Chris and Christopher. Chris goes hungry to feed his son, a sacrifice deeply rooted in Indian family values.
फिल्म की कहानी क्रिस गार्डनर (विल स्मिथ) के जीवन पर आधारित है, जो एक संघर्षरत सेल्समैन हैं जो अपने बेटे क्रिस्टोफर (जेडन स्मिथ) के साथ सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं। क्रिस की पत्नी लिंडा (थेरेसा राइट) उससे अलग हो जाती है और वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से अपार्टमेंट में रहने लगता है।
फिल्म का एक शानदार प्रतीकात्मक पहलू है – उस नर्सरी स्कूल की दीवार पर लिखा है "The Pursuit of Happyness" – जिसमें 'Happiness' की जगह 'Y' की जगह 'I' है। यह क्रिस की निचली सामाजिक स्थिति और उसकी अशिक्षा की ओर इशारा तो करता ही है, साथ ही यह संदेश देता है कि खुशी परफेक्ट स्पेलिंग में नहीं, बल्कि उसे पाने के अधूरे प्रयासों में छिपी है। the pursuit of happyness movie in hindi
The Hindi dubbing successfully captures the deep emotional nuances of the original script. The film connects with viewers through several universal themes: 1. Resiliency (दृढ़ता)
फिल्म का मुख्य संदेश यह है कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण की आवश्यकता होती है। क्रिस गार्डनर की कहानी हमें सिखाती है कि चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ क्यों न हों, हमें हार नहीं माननी चाहिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। : The emotional anchor is the relationship between
क्या खुशी को पाया जा सकता है, या उसका पीछा करना ज़रूरी है? 2006 में बनी फिल्म "द परस्यूट ऑफ हैप्पीनेस" यही सवाल पूछती है। विल स्मिथ की यह मास्टरपीस सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जीवन के प्रति दृष्टिकोण सिखाने वाला दस्तावेज है। यह एक सच्ची कहानी पर आधारित है – अमेरिकी बिजनेसमैन क्रिस गार्डनर के संघर्षों की गाथा।
वे कभी रेलवे स्टेशन के बाथरूम में तो कभी बेघर आश्रयों (shelters) में रातें बिताते हैं। The film connects with viewers through several universal
एक दिन, क्रिस एक अमीर आदमी को फेरारी में जाते हुए देखता है। वह उससे पूछता है, "आप यह कैसे करते हैं?" वह आदमी कहता है, "स्टॉक ब्रोकर बनो।" क्रिस को एक प्रतिष्ठित ब्रोकरेज फर्म, 'डीन विटर' में बिना वेतन वाली इंटर्नशिप (ट्रेनिंग) के बारे में पता चलता है। उस कार्यक्रम में सिर्फ 20 लोगों को चुना जाता है, और 6 महीने बाद सिर्फ एक को नौकरी मिलती है।
जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, 'द परस्यूट ऑफ हैप्पीनेस' (The Pursuit of Happyness) फ़िल्म हमें सिखाती है कि यदि आपके पास एक सपना है और उसे पूरा करने का जुनून है, तो कुछ भी असंभव नहीं है। यह 2006 में रिलीज़ हुई एक अमेरिकी बायोग्राफिकल ड्रामा फ़िल्म है, जो वॉल स्ट्रीट के एक सफल निवेशक बने क्रिस गार्डनर के वास्तविक जीवन के संघर्ष पर आधारित है। फ़िल्म का निर्देशन गेब्रियल मुक्किनो ने किया था, जबकि स्क्रीनप्ले स्टीवन कॉनराड ने लिखी थी। विल स्मिथ ने अपने वास्तविक जीवन के बेटे जेडन स्मिथ के साथ मुख्य भूमिका निभाई, और अपने शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर नॉमिनेशन प्राप्त किया।
फिल्म क्रिस के उस दौर को दर्शाती है जब वह और उसका बेटा बेघर होकर रेलवे स्टेशन के बाथरूम और आश्रयों (shelters) में रातें बिताते हैं, जबकि दिन में वह एक सफल स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत करता है।
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